Maharishi University of Information Technology (MUIT) is a leading private university in Uttar Pradesh with campuses in Lucknow and Noida (Constituent unit of MUIT).
रिपोर्ट
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सात दिवसीय विशेष शिविर
कार्यक्रम की तिथि: 13 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक
आयोजक :एनएसएस इकाइयाँ, एमयूआईटी (लखनऊ परिसर), आईक्यूएसी के सहयोग से
उद्देश्य: भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में दसवाँ सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, लखनऊ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) की तीन इकाइयों द्वारा दिनांक 13 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक ग्राम पलहरी, लखनऊ में किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना तथा ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था। इसके साथ ही स्वयंसेवकों को सामुदायिक जीवन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना तथा समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सेवा भावना एवं सहभागिता को सुदृढ़ करना भी इस शिविर का प्रमुख लक्ष्य रहा।
प्रतिभागी: इस शिविर में एन.एस.एस. इकाई 01, 02 एवं 03 के 150 स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम विवरण: शिविर का शुभारंभ विश्वविद्यालय परिसर में उद्घाटन सत्र के साथ हुआ, जिसमें अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ. नीरज जैन ने स्वयंसेवकों को प्रेरित किया तथा डॉ. सपन अस्थाना ने शिविर के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. सपन अस्थाना , डॉ. आर. पी. दीक्षित और डॉ. सुगत शुक्ला ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए छात्रों के साथ समन्वय स्थापित किया।
13 मार्च 2026 को स्वयंसेवकों ने ग्राम पलहरी का भ्रमण कर स्वच्छता एवं सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने ग्राम प्रधान श्री अमर सिंह यादव से भेंट की तथा ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उन्हें स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। साथ ही गाँव की समस्याओं का अवलोकन कर आगामी गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की।
14 मार्च 2026 को शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने अभिभावकों को बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ कहानी-कथन, प्रश्नोत्तर एवं शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित कर उनमें शिक्षा के प्रति रुचि उत्पन्न की गई तथा बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
15 मार्च 2026 को “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” विषय पर जागरूकता रैली एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वयंसेवकों ने लिंग समानता, बालिका शिक्षा एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया तथा बेटियों के महत्व को रेखांकित किया।
16 मार्च 2026 को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीणों को व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार एवं सामान्य बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए। स्वयंसेवकों ने साफ-सफाई, शुद्ध जल एवं स्वास्थ्य जांच के महत्व को समझाया।
17 मार्च 2026 को जल संरक्षण विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने जल के महत्व, उसके संरक्षण के उपाय तथा वर्षा जल संचयन के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त, अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. नीरज जैन द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट (कम करना, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण) विषय पर एक विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया गया, जो शिविर के स्वयंसेवकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
18 मार्च 2026 को टीकाकरण एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर जागरूकता अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों ने टीकाकरण के महत्व को समझाते हुए भ्रांतियों को दूर किया तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर बिसलेरी के “बॉटल्स फॉर चेंज” कार्यक्रम के अंतर्गत प्लास्टिक कचरा प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग के प्रति भी जागरूकता फैलाई गई। स्वयंसेवकों ने प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र कर स्वच्छता एवं सतत विकास का संदेश दिया। पुनर्चक्रण बिसलेरी के प्रतिनिधि श्री आदर्श सिंह द्वारा कार्यक्रम में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
19 मार्च 2026 को शिविर का समापन सत्र एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिविर के दौरान आयोजित गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा किए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक संदेश प्रस्तुत किए गए और प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।इस शिविर का आयोजन एवं संचालन तीनों कार्यक्रम अधिकारियों—डॉ. सपन अस्थाना, डॉ. आर. पी. दीक्षित तथा डॉ. सुगत शुक्ला—के संयुक्त समन्वय में किया गया।
विद्यार्थी प्रतिपुष्टि: स्वयंसेवकों ने इस शिविर को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया। उन्हें ग्रामीण जीवन की वास्तविकताओं को समझने का अवसर मिला तथा उनके व्यक्तित्व विकास में सकारात्मक परिवर्तन हुआ। इस शिविर के माध्यम से उनमें नेतृत्व, टीमवर्क एवं संचार कौशल का विकास हुआ और समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता मजबूत हुई।
आभार ज्ञापन: इस शिविर के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. भानू प्रताप सिंह, वित्त अधिकारी श्री वरुण श्रीवास्तव, कुलसचिव डॉ. गिरीश छिमवाल, अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. नीरज जैन, का मार्गदर्शन एवं सहयोग सराहनीय रहा। विशेष रूप से कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. सपन अस्थाना, डॉ.राम प्रकाश दीक्षित एवं डॉ. सुगत शुक्ला का योगदान महत्वपूर्ण रहा। ग्राम पलहरी के ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों के सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया जाता है। बिसलेरी इंटरनेशनल एवं उसके समन्वयक श्री आदर्श सिंह, सभी डीन और प्रतिभागी छात्रों का हार्दिक आभार व्यक्त किया जाता है, साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राजेश सिंह के सहयोग के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया जाता है।